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सहीह मुस्लिम

नंबर 5937

नंबर 5937किताब 42, नंबर 41अरबी नंबरिंग 2275
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا وَهْبُ بْنُ جَرِيرٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ أَبِي رَجَاءٍ الْعُطَارِدِيِّ، عَنْ سَمُرَةَ بْنِ جُنْدَبٍ، قَالَ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم إِذَا صَلَّى الصُّبْحَ أَقْبَلَ عَلَيْهِمْ بِوَجْهِهِ فَقَالَ ‏ "‏ هَلْ رَأَى أَحَدٌ مِنْكُمُ الْبَارِحَةَ رُؤْيَا ‏"‏ ‏.‏
Samura b. Jundab reported that when Allah's Messenger (ﷺ) had performed his dawn prayer he turned his face towards them (that is towards his Companions) and said:Did any one of you see any vision last night?

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · The Book of Dreams

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।