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सहीह मुस्लिम

नंबर 5923

नंबर 5923किताब 42, नंबर 27अरबी नंबरिंग 2268.01
وَحَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا لَيْثٌ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ رُمْحٍ، أَخْبَرَنَا اللَّيْثُ، عَنْ أَبِي، الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ مَنْ رَآنِي فِي النَّوْمِ فَقَدْ رَآنِي إِنَّهُ لاَ يَنْبَغِي لِلشَّيْطَانِ أَنْ يَتَمَثَّلَ فِي صُورَتِي ‏"‏ ‏.‏ وَقَالَ ‏"‏ إِذَا حَلَمَ أَحَدُكُمْ فَلاَ يُخْبِرْ أَحَدًا بِتَلَعُّبِ الشَّيْطَانِ بِهِ فِي الْمَنَامِ ‏"‏ ‏.‏
Jabir reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:He who saw me in sleep in fact saw me, for it is not possible for the satan to appear in my form; and he also said: When any one of you sees a hulm he should not inform anyone, for it is a sort of vain sport of devil in the state of sleep

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · The Book of Dreams

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।