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सहीह मुस्लिम

नंबर 5901

नंबर 5901किताब 42, नंबर 5अरबी नंबरिंग 2261.05
وَحَدَّثَنَاهُ قُتَيْبَةُ، وَمُحَمَّدُ بْنُ رُمْحٍ، عَنِ اللَّيْثِ بْنِ سَعْدٍ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ يَعْنِي الثَّقَفِيَّ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ نُمَيْرٍ، كُلُّهُمْ عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، بِهَذَا الإِسْنَادِ وَفِي حَدِيثِ الثَّقَفِيِّ قَالَ أَبُو سَلَمَةَ فَإِنْ كُنْتُ لأَرَى الرُّؤْيَا ‏.‏ وَلَيْسَ فِي حَدِيثِ اللَّيْثِ وَابْنِ نُمَيْرٍ قَوْلُ أَبِي سَلَمَةَ إِلَى آخِرِ الْحَدِيثِ ‏.‏ وَزَادَ ابْنُ رُمْحٍ فِي رِوَايَةِ هَذَا الْحَدِيثِ ‏ "‏ وَلْيَتَحَوَّلْ عَنْ جَنْبِهِ الَّذِي كَانَ عَلَيْهِ ‏"‏ ‏.‏
Abu Salama reported:I used to see dreams, but the hadith transmitted on the authority of Laith b. Nu`man, the words of Abu Salama at the concluding part of the hadith are not mentioned. Ibn Rumh has reported in the hadith: "He (one who sleeps) should change the side on which he had been lying before

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · The Book of Dreams

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।