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सहीह मुस्लिम

नंबर 5898

नंबर 5898किताब 42, नंबर 2अरबी नंबरिंग 2261.02
وَحَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، مَوْلَى آلِ طَلْحَةَ وَعَبْدِ رَبِّهِ وَيَحْيَى ابْنَىْ سَعِيدٍ وَمُحَمَّدِ بْنِ عَمْرِو بْنِ عَلْقَمَةَ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ أَبِي قَتَادَةَ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ مِثْلَهُ وَلَمْ يَذْكُرْ فِي حَدِيثِهِمْ قَوْلَ أَبِي سَلَمَةَ كُنْتُ أَرَى الرُّؤْيَا أُعْرَى مِنْهَا غَيْرَ أَنِّي لاَ أُزَمَّلُ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Abu Qatada, but there is no mention of the words of Abu Salama:"I saw dreams (which perturbed me) but I did not cover myself with a mantle

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · The Book of Dreams

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।