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सहीह मुस्लिम

नंबर 5875

नंबर 5875किताब 40, नंबर 14अरबी नंबरिंग 2249.02
وَحَدَّثَنِي زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي صَالِحٍ، عَنْ أَبِي، هُرَيْرَةَ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ يَقُولَنَّ أَحَدُكُمْ عَبْدِي ‏.‏ فَكُلُّكُمْ عَبِيدُ اللَّهِ وَلَكِنْ لِيَقُلْ فَتَاىَ ‏.‏ وَلاَ يَقُلِ الْعَبْدُ رَبِّي ‏.‏ وَلَكِنْ لِيَقُلْ سَيِّدِي ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:None of you should say: My bondman, for all of you are the bondmen of Allah, but say: My young man, and the servant should not say: My Lord, but should say: My chief

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 40 · The Book Concerning the Use of Correct Words

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।