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सहीह मुस्लिम

नंबर 924

नंबर 924किताब 4, नंबर 86अरबी नंबरिंग 411.04
حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا مَعْنُ بْنُ عِيسَى، عَنْ مَالِكِ بْنِ أَنَسٍ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم رَكِبَ فَرَسًا فَصُرِعَ عَنْهُ فَجُحِشَ شِقُّهُ الأَيْمَنُ ‏.‏ بِنَحْوِ حَدِيثِهِمْ وَفِيهِ ‏ "‏ إِذَا صَلَّى قَائِمًا فَصَلُّوا قِيَامًا ‏"‏ ‏.‏
Anas reported:The Messenger of Allah (ﷺ) rode a horse and fell down from it and his right side was grazed, and the rest of the hadith is the same, and (these words) are found in it:" When he (the Imam) says prayer in an erect posture, you should also say it in an erect posture

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · The Book of Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।