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सहीह मुस्लिम

नंबर 839

नंबर 839किताब 4, नंबर 3अरबी नंबरिंग 378.02
وَحَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ الْحَنْظَلِيُّ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ الثَّقَفِيُّ، حَدَّثَنَا خَالِدٌ الْحَذَّاءُ، عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ ذَكَرُوا أَنْ يُعْلِمُوا، وَقْتَ الصَّلاَةِ بِشَىْءٍ يَعْرِفُونَهُ فَذَكَرُوا أَنْ يُنَوِّرُوا نَارًا أَوْ يَضْرِبُوا نَاقُوسًا فَأُمِرَ بِلاَلٌ أَنْ يَشْفَعَ الأَذَانَ وَيُوتِرَ الإِقَامَةَ ‏.‏
Anas b. Malik reported:They (the Companions) discussed that they should know the timings of prayer by means of something recognized by all. Some of them said that fire should be lighted or a bell should be rung. But Bilal was ordered to repeat the phrases twice in Adhan, and once in Iqama

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · The Book of Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।