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सहीह मुस्लिम

नंबर 1142

नंबर 1142किताब 4, नंबर 304अरबी नंबरिंग 512.03
وَحَدَّثَنِي عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ أَبِي بَكْرِ بْنِ حَفْصٍ، عَنْ عُرْوَةَ بْنِ الزُّبَيْرِ، قَالَ قَالَتْ عَائِشَةُ مَا يَقْطَعُ الصَّلاَةَ قَالَ فَقُلْنَا الْمَرْأَةُ وَالْحِمَارُ ‏.‏ فَقَالَتْ إِنَّ الْمَرْأَةَ لَدَابَّةُ سَوْءٍ لَقَدْ رَأَيْتُنِي بَيْنَ يَدَىْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم مُعْتَرِضَةً كَاعْتِرَاضِ الْجِنَازَةِ وَهُوَ يُصَلِّي ‏.‏
Urwa b. Zubair reported:'A'isha asked: What disrupts the prayer? We said: The woman and the ass. Upon this she remarked: Is the woman an ugly animal? I lay in front of the Messenger of Allah (ﷺ) like the bier of a corpse and he said prayer

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · The Book of Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।