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सहीह मुस्लिम

नंबर 1128

नंबर 1128किताब 4, नंबर 290अरबी नंबरिंग 505.01
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، قَالَ قَرَأْتُ عَلَى مَالِكٍ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي سَعِيدٍ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا كَانَ أَحَدُكُمْ يُصَلِّي فَلاَ يَدَعْ أَحَدًا يَمُرُّ بَيْنَ يَدَيْهِ وَلْيَدْرَأْهُ مَا اسْتَطَاعَ فَإِنْ أَبَى فَلْيُقَاتِلْهُ فَإِنَّمَا هُوَ شَيْطَانٌ ‏"‏ ‏.‏
Abu Sa'id al-Khudri reported that the Messenger of Allah (ﷺ) said:When any one of you prays he should not let anyone pass in front of him (if there is no sutra), and should try to turn him away as far as possible, but if he refuses to go, he should turn him away forcibly for he is a devil

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · The Book of Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।