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सहीह मुस्लिम

नंबर 1126

नंबर 1126किताब 4, नंबर 288अरबी नंबरिंग 504.03
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، وَعَمْرٌو النَّاقِدُ، وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، عَنِ ابْنِ عُيَيْنَةَ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، بِهَذَا الإِسْنَادِ قَالَ وَالنَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم يُصَلِّي بِعَرَفَةَ ‏.‏
This hadith has been narrated by Ibn 'Uyaina on the authority of al-Zuhri with the same chain of transmitters and he reported:The Apostle of Allah (ﷺ) was leading prayer at 'Arafa

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · The Book of Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।