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सहीह मुस्लिम

नंबर 1123

नंबर 1123किताब 4, नंबर 285अरबी नंबरिंग 503.05
وَحَدَّثَنِي زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، وَمُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا ابْنُ مَهْدِيٍّ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، بِالإِسْنَادَيْنِ جَمِيعًا مِثْلَهُ ‏.‏ وَزَادَ فِي حَدِيثِ الْحَكَمِ فَجَعَلَ النَّاسُ يَأْخُذُونَ مِنْ فَضْلِ وَضُوئِهِ ‏.‏
Shu'ba narrated the same on the basis of two authorities and in the hadith transmitted by Hakam (the words are):The people began to get water that was left out of his (the Prophet's) ablution

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · The Book of Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।