सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 1114

नंबर 1114किताब 4, नंबर 276अरबी नंबरिंग 500.02
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يَزِيدَ، أَخْبَرَنَا حَيْوَةُ، عَنْ أَبِي الأَسْوَدِ، مُحَمَّدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم سُئِلَ فِي غَزْوَةِ تَبُوكَ عَنْ سُتْرَةِ الْمُصَلِّي فَقَالَ ‏ "‏ كَمُؤْخِرَةِ الرَّحْلِ ‏"‏ ‏.‏
A'isha reported:The Messenger of Allah (ﷺ) was asked in the expedition of Tabuk about the sutra the worshipper; he said: Like the back of the saddle

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · The Book of Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।