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सहीह मुस्लिम

नंबर 1103

नंबर 1103किताब 4, नंबर 265अरबी नंबरिंग 493.02
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَابْنُ، بَشَّارٍ قَالاَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، ح قَالَ وَحَدَّثَنِيهِ يَحْيَى بْنُ حَبِيبٍ، حَدَّثَنَا خَالِدٌ، - يَعْنِي ابْنَ الْحَارِثِ - قَالاَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، بِهَذَا الإِسْنَادِ وَفِي حَدِيثِ ابْنِ جَعْفَرٍ ‏ "‏ وَلاَ يَتَبَسَّطْ أَحَدُكُمْ ذِرَاعَيْهِ انْبِسَاطَ الْكَلْبِ ‏"‏ ‏.‏
This hadith has been narrated by Shu'ba with the same chain of transmitters. And in the hidith transmitted by Ibn Ja'far (the words are):" None of you should stretch out his forearms like the stretching out of a dog

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · The Book of Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।