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सहीह मुस्लिम

नंबर 1091

नंबर 1091किताब 4, नंबर 253अरबी नंबरिंग 487.01
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِشْرٍ الْعَبْدِيُّ، حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ أَبِي عَرُوبَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ مُطَرِّفِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الشِّخِّيرِ، أَنَّ عَائِشَةَ، نَبَّأَتْهُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ يَقُولُ فِي رُكُوعِهِ وَسُجُودِهِ ‏ "‏ سُبُّوحٌ قُدُّوسٌ رَبُّ الْمَلاَئِكَةِ وَالرُّوحِ ‏"‏ ‏.‏
A'isha reported that the Messenger of Allah (may peace he upon him) used to pronounce while bowing and prostrating himself:All Glorious, All Holy, Lord of the Angels and the Spirit

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · The Book of Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।