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सहीह मुस्लिम

नंबर 5861

नंबर 5861किताब 39, नंबर 212अरबी नंबरिंग 2245.02
وَحَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي جَرِيرُ بْنُ حَازِمٍ، عَنْ أَيُّوبَ السَّخْتِيَانِيِّ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ بَيْنَمَا كَلْبٌ يُطِيفُ بِرَكِيَّةٍ قَدْ كَادَ يَقْتُلُهُ الْعَطَشُ إِذْ رَأَتْهُ بَغِيٌّ مِنْ بَغَايَا بَنِي إِسْرَائِيلَ فَنَزَعَتْ مُوقَهَا فَاسْتَقَتْ لَهُ بِهِ فَسَقَتْهُ إِيَّاهُ فَغُفِرَ لَهَا بِهِ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:There was a dog moving around a well whom thirst would have killed. Suddenly a prostitute from the prostitutes of Bani Isra'il happened to see it and she drew water in her shoe and made it drink, and she was pardoned because of this

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of Greetings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।