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सहीह मुस्लिम

नंबर 5834

नंबर 5834किताब 39, नंबर 185अरबी नंबरिंग 2233.10
وَحَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ سَعِيدٍ الأَيْلِيُّ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، حَدَّثَنِي أُسَامَةُ، أَنَّ نَافِعًا، حَدَّثَهُ أَنَّ أَبَا لُبَابَةَ مَرَّ بِابْنِ عُمَرَ وَهُوَ عِنْدَ الأُطُمِ الَّذِي عِنْدَ دَارِ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ يَرْصُدُ حَيَّةً بِنَحْوِ حَدِيثِ اللَّيْثِ بْنِ سَعْدٍ ‏.‏
Nafi' reported that Abu Lubaba happened to pass by Ibn 'Umar who lived in the fortified place near the house of 'Umar b. Khattab and was busy in keeping his eyes upon a snake and killing it, the rest of the hadith is the same

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of Greetings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।