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सहीह मुस्लिम

नंबर 5792

नंबर 5792किताब 39, नंबर 144अरबी नंबरिंग 2221.02
حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمٍ، وَحَسَنٌ الْحُلْوَانِيُّ، وَعَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، قَالَ عَبْدٌ حَدَّثَنِي وَقَالَ، الآخَرَانِ حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ، - يَعْنُونَ ابْنَ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سَعْدٍ - حَدَّثَنِي أَبِي، عَنْ صَالِحٍ، عَنِ ابْنِ، شِهَابٍ أَخْبَرَنِي أَبُو سَلَمَةَ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ، يُحَدِّثُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ لاَ عَدْوَى ‏"‏ ‏.‏ وَيُحَدِّثُ مَعَ ذَلِكَ ‏"‏ لاَ يُورِدُ الْمُمْرِضُ عَلَى الْمُصِحِّ ‏"‏ ‏.‏ بِمِثْلِ حَدِيثِ يُونُسَ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:There is no transitive disease and he also reported along with it: The ill should not be taken to the healthy

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of Greetings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।