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सहीह मुस्लिम

नंबर 5789

नंबर 5789किताब 39, नंबर 141अरबी नंबरिंग 2220.02
وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمٍ، وَحَسَنٌ الْحُلْوَانِيُّ، قَالاَ حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ، - وَهُوَ ابْنُ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سَعْدٍ - حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ صَالِحٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، أَخْبَرَنِي أَبُو سَلَمَةَ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، وَغَيْرُهُ، أَنَّ أَبَا هُرَيْرَةَ، قَالَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ عَدْوَى وَلاَ طِيَرَةَ وَلاَ صَفَرَ وَلاَ هَامَةَ ‏"‏ ‏.‏ فَقَالَ أَعْرَابِيٌّ يَا رَسُولَ اللَّهِ ‏.‏ بِمِثْلِ حَدِيثِ يُونُسَ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:There is no transitive disease, no evil omen, no safar, no hama. A desert Arab said: Allah's, Messenger.... The rest of the hadith is the same

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of Greetings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।