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सहीह मुस्लिम

नंबर 5758

नंबर 5758किताब 39, नंबर 112अरबी नंबरिंग 2211.02
وَحَدَّثَنَاهُ أَبُو كُرَيْبٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ، وَأَبُو أُسَامَةَ عَنْ هِشَامٍ، بِهَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ وَفِي حَدِيثِ ابْنِ نُمَيْرٍ صَبَّتِ الْمَاءَ بَيْنَهَا وَبَيْنَ جَيْبِهَا ‏.‏ وَلَمْ يَذْكُرْ فِي حَدِيثِ أَبِي أُسَامَةَ ‏ "‏ أَنَّهَا مِنْ فَيْحِ جَهَنَّمَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو أَحْمَدَ قَالَ إِبْرَاهِيمُ حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ بِشْرٍ حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ بِهَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏
Hisham reported this hadith with the same chain of transmitters. In the hadith transmitted on the authority of Ibn Numair (the words are):" She poured water on her sides and in the opening of the shirt at the uppermost part of the chest." There is no mention of these words:" It is from the vehemence of the heat of the Hell." This hadith has been narrated on the authority of Abu Usama with the same chain of transmitters

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of Greetings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।