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सहीह मुस्लिम

नंबर 5753

नंबर 5753किताब 39, नंबर 107अरबी नंबरिंग 2209.03
وَحَدَّثَنِي هَارُونُ بْنُ سَعِيدٍ الأَيْلِيُّ، أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، حَدَّثَنِي مَالِكٌ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ، بْنُ رَافِعٍ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي فُدَيْكٍ، أَخْبَرَنَا الضَّحَّاكُ، - يَعْنِي ابْنَ عُثْمَانَ - كِلاَهُمَا عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الْحُمَّى مِنْ فَيْحِ جَهَنَّمَ فَأَطْفِئُوهَا بِالْمَاءِ ‏"‏ ‏.‏
Ibn Umar reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:Fever is from the vehement raging of the fire of Hell, so extinguish it with water

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of Greetings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।