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सहीह मुस्लिम

नंबर 5747

नंबर 5747किताब 39, नंबर 101अरबी नंबरिंग 2207.03
وَحَدَّثَنِي بِشْرُ بْنُ خَالِدٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ، - يَعْنِي ابْنَ جَعْفَرٍ - عَنْ شُعْبَةَ، قَالَ سَمِعْتُ سُلَيْمَانَ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا سُفْيَانَ، قَالَ سَمِعْتُ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ رُمِيَ أُبَىٌّ يَوْمَ الأَحْزَابِ عَلَى أَكْحَلِهِ فَكَوَاهُ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
Jabir b. 'Abdillah reported that on the day of Ahzab Ubayy received the wound of an arrow in his medial arm vein. Allah's Messenger (ﷺ) cauterised it

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of Greetings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।