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सहीह मुस्लिम

नंबर 5739

नंबर 5739किताब 39, नंबर 93अरबी नंबरिंग 2203.02
حَدَّثَنَاهُ مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا سَالِمُ بْنُ نُوحٍ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، كِلاَهُمَا عَنِ الْجُرَيْرِيِّ، عَنْ أَبِي الْعَلاَءِ، عَنْ عُثْمَانَ بْنِ أَبِي الْعَاصِ، أَنَّهُ أَتَى النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ فَذَكَرَ بِمِثْلِهِ وَلَمْ يَذْكُرْ فِي حَدِيثِ سَالِمِ بْنِ نُوحٍ ثَلاَثًا ‏.‏
Uthman b. Abu al-'As reported that he came to Allah's Apostle (ﷺ) and he narrated like this. In the hadith transmitted on the authority of Salam b. Nuh there is no mention of three times

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of Greetings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।