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सहीह मुस्लिम

नंबर 5720

नंबर 5720किताब 39, नंबर 74अरबी नंबरिंग 2195.01
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَأَبُو كُرَيْبٍ وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ - قَالَ إِسْحَاقُ أَخْبَرَنَا وَقَالَ أَبُو بَكْرٍ، وَأَبُو كُرَيْبٍ - وَاللَّفْظُ لَهُمَا - حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِشْرٍ، عَنْ مِسْعَرٍ، حَدَّثَنَا مَعْبَدُ بْنُ خَالِدٍ، عَنِ ابْنِ شَدَّادٍ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ يَأْمُرُهَا أَنْ تَسْتَرْقِيَ مِنَ الْعَيْنِ ‏.‏
A'isha reported that Allah's Messenger (ﷺ) commanded the use of incantation for curing the influence of an evil eye

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of Greetings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।