وَحَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا رَوْحُ بْنُ عُبَادَةَ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، - سَمِعْتُ هِشَامَ، بْنَ زَيْدٍ سَمِعْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ، يُحَدِّثُ أَنَّ يَهُودِيَّةً، جَعَلَتْ سَمًّا فِي لَحْمٍ ثُمَّ أَتَتْ بِهِ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِنَحْوِ حَدِيثِ خَالِدٍ .
Anas b. Malik reported that a Jewess brought poisoned meat and then served it to Allah's Messenger (ﷺ)
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।