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सहीह मुस्लिम

नंबर 5689

नंबर 5689किताब 39, नंबर 43अरबी नंबरिंग 2179
وَحَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، أَخْبَرَنَا أَبُو عَوَانَةَ، وَقَالَ، قُتَيْبَةُ أَيْضًا حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ، - يَعْنِي ابْنَ مُحَمَّدٍ - كِلاَهُمَا عَنْ سُهَيْلٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ إِذَا قَامَ أَحَدُكُمْ ‏"‏ ‏.‏ وَفِي حَدِيثِ أَبِي عَوَانَةَ ‏"‏ مَنْ قَامَ مِنْ مَجْلِسِهِ ثُمَّ رَجَعَ إِلَيْهِ فَهُوَ أَحَقُّ بِهِ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:When anyone amongst you stands up, and in the badltb transmitted on the authority of Abu 'Awina, the words are:" He who stands in his place and (goes away) and then comes back to it, he his the greatest right (to occupy that)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of Greetings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।