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सहीह मुस्लिम

नंबर 5673

नंबर 5673किताब 39, नंबर 27अरबी नंबरिंग 2171
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، وَعَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، قَالَ يَحْيَى أَخْبَرَنَا وَقَالَ ابْنُ حُجْرٍ، حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ، وَزُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، أَخْبَرَنَا أَبُو الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أَلاَ لاَ يَبِيتَنَّ رَجُلٌ عِنْدَ امْرَأَةٍ ثَيِّبٍ إِلاَّ أَنْ يَكُونَ نَاكِحًا أَوْ ذَا مَحْرَمٍ ‏"‏ ‏.‏
Jabir reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:Behold, no person should spend the night with a married woman, but only in case he is married to her or he is her Mahram

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of Greetings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।