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सहीह मुस्लिम

नंबर 5646

नंबर 5646किताब 39, नंबर 1अरबी नंबरिंग 2160
حَدَّثَنِي عُقْبَةُ بْنُ مُكْرَمٍ، حَدَّثَنَا أَبُو عَاصِمٍ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، ح وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ، مَرْزُوقٍ حَدَّثَنَا رَوْحٌ، حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، أَخْبَرَنِي زِيَادٌ، أَنَّ ثَابِتًا، مَوْلَى عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ زَيْدٍ أَخْبَرَهُ أَنَّهُ، سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ، يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ يُسَلِّمُ الرَّاكِبُ عَلَى الْمَاشِي وَالْمَاشِي عَلَى الْقَاعِدِ وَالْقَلِيلُ عَلَى الْكَثِيرِ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:The rider should first greet the pedestrian, and the pedestrian the one who is seated and a small group should greet a larger group (with as-Salam-u-'Alaikum)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of Greetings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।