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सहीह मुस्लिम

नंबर 5632

नंबर 5632किताब 38, नंबर 47अरबी नंबरिंग 2153.07
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا أَبُو عَاصِمٍ، ح وَحَدَّثَنَا حُسَيْنُ بْنُ حُرَيْثٍ، حَدَّثَنَا النَّضْرُ، - يَعْنِي ابْنَ شُمَيْلٍ - قَالاَ جَمِيعًا حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، بِهَذَا الإِسْنَادِ نَحْوَهُ وَلَمْ يَذْكُرْ فِي حَدِيثِ النَّضْرِ أَلْهَانِي عَنْهُ الصَّفْقُ بِالأَسْوَاقِ ‏.‏
This hadith has been transmitted on the authority of Ibn Juraij, but there is no mention of the words" business in the market

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 38 · The Book of Manners and Etiquette

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।