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सहीह मुस्लिम

नंबर 5618

नंबर 5618किताब 38, नंबर 33अरबी नंबरिंग 2146.03
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ مَخْلَدٍ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ مُسْهِرٍ، عَنْ هِشَامِ، بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَسْمَاءَ بِنْتِ أَبِي بَكْرٍ، أَنَّهَا هَاجَرَتْ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَهِيَ حُبْلَى بِعَبْدِ اللَّهِ بْنِ الزُّبَيْرِ ‏.‏ فَذَكَرَ نَحْوَ حَدِيثِ أَبِي أُسَامَةَ ‏.‏
Asma', daughter of Abu Bakr, reported that when she migrated to Allah's Messenger (ﷺ) in Medina she was in the family way with Abdullah b. Zubair in her womb

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 38 · The Book of Manners and Etiquette

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।