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सहीह मुस्लिम

नंबर 5590

नंबर 5590किताब 38, नंबर 5अरबी नंबरिंग 2133.03
حَدَّثَنَا رِفَاعَةُ بْنُ الْهَيْثَمِ الْوَاسِطِيُّ، حَدَّثَنَا خَالِدٌ، - يَعْنِي الطَّحَّانَ - عَنْ حُصَيْنٍ، بِهَذَا الإِسْنَادِ وَلَمْ يَذْكُرْ ‏ "‏ فَإِنَّمَا بُعِثْتُ قَاسِمًا أَقْسِمُ بَيْنَكُمْ ‏"‏ ‏.‏
This hadith has been reported on the authority of Husain With the same chain of transmitters but no mention is made of these words:" (I have been sent as a distributor), so I distribute amongst you

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 38 · The Book of Manners and Etiquette

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।