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सहीह मुस्लिम

नंबर 5565

नंबर 5565किताब 37, नंबर 175अरबी नंबरिंग 2122.01
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ فَاطِمَةَ بِنْتِ، الْمُنْذِرِ عَنْ أَسْمَاءَ بِنْتِ أَبِي بَكْرٍ، قَالَتْ جَاءَتِ امْرَأَةٌ إِلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ لِي ابْنَةً عُرَيِّسًا أَصَابَتْهَا حَصْبَةٌ فَتَمَرَّقَ شَعْرُهَا أَفَأَصِلُهُ فَقَالَ ‏ "‏ لَعَنَ اللَّهُ الْوَاصِلَةَ وَالْمُسْتَوْصِلَةَ ‏"‏ ‏.‏
Asma', daughter of Abu Bakr, reported that a woman came to Allah's Apostle (ﷺ) and said:I have a daughter who has been newly wedded. She had an attack of smallpox and thus her hair had fallen; should I add false hair to her head? Thereupon Allah's Messenger (ﷺ) said: Allah has cursed the woman who adds some false hair and the woman who asks for it

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Clothes and Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।