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सहीह मुस्लिम

नंबर 5561

नंबर 5561किताब 37, नंबर 171अरबी नंबरिंग 2120.03
وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ عُثْمَانَ الْغَطَفَانِيُّ، حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ نَافِعٍ، ح وَحَدَّثَنِي أُمَيَّةُ بْنُ بِسْطَامٍ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ، - يَعْنِي ابْنَ زُرَيْعٍ - حَدَّثَنَا رَوْحٌ، عَنْ عُمَرَ بْنِ، نَافِعٍ بِإِسْنَادِ عُبَيْدِ اللَّهِ ‏.‏ مِثْلَهُ وَأَلْحَقَا التَّفْسِيرَ فِي الْحَدِيثِ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of 'Umar b. Nafi' with the same chain of transmitters and Muhammad b. Muthanna as well as 'Umar b. Nafi have given the same exposition (of the word Qaza') in their narration

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Clothes and Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।