सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 5555

नंबर 5555किताब 37, नंबर 166अरबी नंबरिंग 2119.02
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ هِشَامِ بْنِ زَيْدٍ، قَالَ سَمِعْتُ أَنَسًا، يُحَدِّثُ أَنَّ أُمَّهُ، حِينَ وَلَدَتِ انْطَلَقُوا بِالصَّبِيِّ إِلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم يُحَنِّكُهُ قَالَ فَإِذَا النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم فِي مِرْبَدٍ يَسِمُ غَنَمًا ‏.‏ قَالَ شُعْبَةُ وَأَكْثَرُ عِلْمِي أَنَّهُ قَالَ فِي آذَانِهَا ‏.‏
Anas reported that when his mother gave birth to a child they brought that child to Allah's Messenger (ﷺ) so that he might chew some dates and touch his palate with them. and Allah's Apostle (ﷺ) was at that time in the fold busy in cauterising the animals Shu'ba said:So far as I know (he was cauterising) their ears

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Clothes and Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।