सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 5535

नंबर 5535किताब 37, नंबर 148अरबी नंबरिंग 2108.01
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُسْهِرٍ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا يَحْيَى، - وَهُوَ الْقَطَّانُ - جَمِيعًا عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ، - وَاللَّفْظُ لَهُ - حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ، عَنْ نَافِعٍ، أَنَّ ابْنَ عُمَرَ، أَخْبَرَهُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الَّذِينَ يَصْنَعُونَ الصُّوَرَ يُعَذَّبُونَ يَوْمَ الْقِيَامَةِ يُقَالُ لَهُمْ أَحْيُوا مَا خَلَقْتُمْ ‏"‏ ‏.‏
Ibn 'Umar reported Allah's Messenger (ﷺ) having said:Those who paint pictures would be punished on the Day of Resurrection and it would be said to them: Breathe soul into what you have created

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Clothes and Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।