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सहीह मुस्लिम

नंबर 5526

नंबर 5526किताब 37, नंबर 139अरबी नंबरिंग 2107.07
وَحَدَّثَنِي حَرْمَلَةُ بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي يُونُسُ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنِ الْقَاسِمِ بْنِ مُحَمَّدٍ، أَنَّ عَائِشَةَ، حَدَّثَتْهُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم دَخَلَ عَلَيْهَا ‏.‏ بِمِثْلِ حَدِيثِ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سَعْدٍ غَيْرَ أَنَّهُ قَالَ ثُمَّ أَهْوَى إِلَى الْقِرَامِ فَهَتَكَهُ بِيَدِهِ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of A'isha through another chain of transmitters but with a slight variation of wording (and the variation is that the narrator is reported to have said):He (the Holy Prophet) inclined towards that curtain and tore it with his hand

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Clothes and Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।