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सहीह मुस्लिम

नंबर 5509

नंबर 5509किताब 37, नंबर 124अरबी नंबरिंग 2102.02
وَحَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ وَهْبٍ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ أُتِيَ بِأَبِي قُحَافَةَ يَوْمَ فَتْحِ مَكَّةَ وَرَأْسُهُ وَلِحْيَتُهُ كَالثَّغَامَةِ بَيَاضًا فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ غَيِّرُوا هَذَا بِشَىْءٍ وَاجْتَنِبُوا السَّوَادَ ‏"‏ ‏.‏
Jabir b. 'Abdullah reported that Abu Qubafa was led (to the andience of the Holy Prophet) on the day of the Conquest of Mecca and his head and beard were white like hyssop, whereupon Allah's Messenger (ﷺ) said:Change it with something but avoid black

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Clothes and Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।