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सहीह मुस्लिम

नंबर 5487

नंबर 5487किताब 37, नंबर 102अरबी नंबरिंग 2094.02
وَحَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَعَبَّادُ بْنُ مُوسَى، قَالاَ حَدَّثَنَا طَلْحَةُ بْنُ يَحْيَى، - وَهُوَ الأَنْصَارِيُّ ثُمَّ الزُّرَقِيُّ - عَنْ يُونُسَ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لَبِسَ خَاتَمَ فِضَّةٍ فِي يَمِينِهِ فِيهِ فَصٌّ حَبَشِيٌّ كَانَ يَجْعَلُ فَصَّهُ مِمَّا يَلِي كَفَّهُ ‏.‏
Anas b. Malik reported that Allah's Messenger (ﷺ) wore a silver ring on his right hand which had an Abyssinian stone in it, and he kept its stone towards the palm

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Clothes and Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।