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सहीह मुस्लिम

नंबर 5481

नंबर 5481किताब 37, नंबर 96अरबी नंबरिंग 2092.04
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ هِشَامٍ، حَدَّثَنِي أَبِي، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ نَبِيَّ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ أَرَادَ أَنْ يَكْتُبَ إِلَى الْعَجَمِ فَقِيلَ لَهُ إِنَّ الْعَجَمَ لاَ يَقْبَلُونَ إِلاَّ كِتَابًا عَلَيْهِ خَاتِمٌ ‏.‏ فَاصْطَنَعَ خَاتَمًا مِنْ فِضَّةٍ ‏.‏ قَالَ كَأَنِّي أَنْظُرُ إِلَى بَيَاضِهِ فِي يَدِهِ ‏.‏
Anas reported that when Allah's Apostle (ﷺ) decided to write (letters) to non-Arabs (i. e. Persian and Byzantine Emperors) it was said to him that the non-Arabs would not accept a letter but that having a seal over it; so he (the Holy Prophet) got a silver ring made. He (Anas) said:I perceive as if I am looking at its brightness in his hand

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Clothes and Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।