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सहीह मुस्लिम

नंबर 5454

नंबर 5454किताब 37, नंबर 69अरबी नंबरिंग 2085.02
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ نُمَيْرٍ، وَأَبُو أُسَامَةَ ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا أَبِي ح، وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَعُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، - وَهُوَ الْقَطَّانُ - كُلُّهُمْ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو الرَّبِيعِ، وَأَبُو كَامِلٍ قَالاَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، ح وَحَدَّثَنِي زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، كِلاَهُمَا عَنْ أَيُّوبَ، ح وَحَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، وَابْنُ، رُمْحٍ عَنِ اللَّيْثِ بْنِ سَعْدٍ، ح وَحَدَّثَنَا هَارُونُ الأَيْلِيُّ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، حَدَّثَنِي أُسَامَةُ، كُلُّ هَؤُلاَءِ عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِمِثْلِ حَدِيثِ مَالِكٍ وَزَادُوا فِيهِ ‏ "‏ يَوْمَ الْقِيَامَةِ ‏"‏ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Ibn 'Umar through other chains of transmitters also with the addition of these words:" On the Day of Resurrection

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Clothes and Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।