सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 5449

नंबर 5449किताब 37, नंबर 64अरबी नंबरिंग 2083.01
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، وَعَمْرٌو النَّاقِدُ، وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، - وَاللَّفْظُ لِعَمْرٍو - قَالَ عَمْرٌو وَقُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا وَقَالَ، إِسْحَاقُ أَخْبَرَنَا سُفْيَانُ، عَنِ ابْنِ الْمُنْكَدِرِ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ قَالَ لِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لَمَّا تَزَوَّجْتُ ‏"‏ أَتَّخَذْتَ أَنْمَاطًا ‏"‏ ‏.‏ قُلْتُ وَأَنَّى لَنَا أَنْمَاطٌ قَالَ ‏"‏ أَمَا إِنَّهَا سَتَكُونُ ‏"‏ ‏.‏
Jabir reported:When I was married, Allah's Messenger (may peace he upon him) asked me if I had got the carpet. I said: How can we have carpets? (i. e. I am so poor that I cannot even think of carpets). whereupon he said: You shall soon possess them

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Clothes and Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।