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सहीह मुस्लिम

नंबर 5445

नंबर 5445किताब 37, नंबर 60अरबी नंबरिंग 2081
وَحَدَّثَنِي سُرَيْجُ بْنُ يُونُسَ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ زَكَرِيَّاءَ بْنِ أَبِي زَائِدَةَ، عَنْ أَبِيهِ، ح وَحَدَّثَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ مُوسَى، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي زَائِدَةَ، ح وَحَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، بْنُ زَكَرِيَّاءَ أَخْبَرَنِي أَبِي، عَنْ مُصْعَبِ بْنِ شَيْبَةَ، عَنْ صَفِيَّةَ بِنْتِ شَيْبَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ خَرَجَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ذَاتَ غَدَاةٍ وَعَلَيْهِ مِرْطٌ مُرَحَّلٌ مِنْ شَعَرٍ أَسْوَدَ ‏.‏
A'isha reported that Allah's Apostle (ﷺ) went out one morning wearing a blanket made of (camel's or sheep's) black hair with patterns of camel saddles upon it

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Clothes and Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।