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सहीह मुस्लिम

नंबर 5443

नंबर 5443किताब 37, नंबर 58अरबी नंबरिंग 2080.02
حَدَّثَنِي عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ السَّعْدِيُّ، وَمُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمٍ، وَيَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، جَمِيعًا عَنِ ابْنِ عُلَيَّةَ، قَالَ ابْنُ حُجْرٍ حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ حُمَيْدِ بْنِ هِلاَلٍ، عَنْ أَبِي بُرْدَةَ، قَالَ أَخْرَجَتْ إِلَيْنَا عَائِشَةُ إِزَارًا وَكِسَاءً مُلَبَّدًا فَقَالَتْ فِي هَذَا قُبِضَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ قَالَ ابْنُ حَاتِمٍ فِي حَدِيثِهِ إِزَارًا غَلِيظًا ‏.‏
Abu Burda reported that A'isha brought out for us the lower garment and the upper garment made of the Mulabbada cloth and said:It was in these (clothes) that Allah's Messenger (ﷺ) died. Ibn Hatim (one of the narrators) in his narration Wd: The lower garment of coarse cloth

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Clothes and Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।