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सहीह मुस्लिम

नंबर 5434

नंबर 5434किताब 37, नंबर 49अरबी नंबरिंग 2077.01
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ هِشَامٍ، حَدَّثَنِي أَبِي، عَنْ يَحْيَى، حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ بْنِ الْحَارِثِ، أَنَّ ابْنَ مَعْدَانَ، أَخْبَرَهُ أَنَّ جُبَيْرَ بْنَ نُفَيْرٍ أَخْبَرَهُ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عَمْرِو بْنِ الْعَاصِ أَخْبَرَهُ قَالَ رَأَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَلَىَّ ثَوْبَيْنِ مُعَصْفَرَيْنِ فَقَالَ ‏ "‏ إِنَّ هَذِهِ مِنْ ثِيَابِ الْكُفَّارِ فَلاَ تَلْبَسْهَا ‏"‏ ‏.‏
Abdullah b. 'Amr b. al-As reported:Allah's Messenger (ﷺ) saw me wearing two clothes dyed in saffron. whereupon he said: These are the clothes (usually worn by) the non-believers, so do not wear them

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Clothes and Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।