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सहीह मुस्लिम

नंबर 5398

नंबर 5398किताब 37, नंबर 13अरबी नंबरिंग 2067.05
وَحَدَّثَنَاهُ أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ الْمُثَنَّى، وَابْنُ، بَشَّارٍ قَالاَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عَدِيٍّ، ح وَحَدَّثَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ بِشْرٍ، حَدَّثَنَا بَهْزٌ، كُلُّهُمْ عَنْ شُعْبَةَ، ‏.‏ بِمِثْلِ حَدِيثِ مُعَاذٍ وَإِسْنَادِهِ وَلَمْ يَذْكُرْ أَحَدٌ مِنْهُمْ فِي الْحَدِيثِ شَهِدْتُ حُذَيْفَةَ ‏.‏ غَيْرُ مُعَاذٍ وَحْدَهُ إِنَّمَا قَالُوا إِنَّ حُذَيْفَةَ اسْتَسْقَى.‏
This hadith has been narrated on the authority of Shu`ba through another chain of transmitters. But there is no mention of "I personally saw him" in this hadith

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Clothes and Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।