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सहीह मुस्लिम

नंबर 5372

नंबर 5372किताब 36, नंबर 246अरबी नंबरिंग 2060.01
حَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، وَمُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَعُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ، قَالُوا أَخْبَرَنَا يَحْيَى، - وَهُوَ الْقَطَّانُ - عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، أَخْبَرَنِي نَافِعٌ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الْكَافِرُ يَأْكُلُ فِي سَبْعَةِ أَمْعَاءٍ وَالْمُؤْمِنُ يَأْكُلُ فِي مِعًى وَاحِدٍ ‏"‏ ‏.‏
Ibn 'Umar reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying that a non-Muslim eats in seven intestines whereas a Muslim eats in one intestine

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · The Book of Drinks

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।