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सहीह मुस्लिम

नंबर 5310

नंबर 5310किताब 36, नंबर 184अरबी नंबरिंग 2036.02
وَحَدَّثَنَاهُ أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، جَمِيعًا عَنْ أَبِي مُعَاوِيَةَ، ح وَحَدَّثَنَاهُ نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ الْجَهْضَمِيُّ، وَأَبُو سَعِيدٍ الأَشَجُّ قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، ح وَحَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، ح وَحَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الدَّارِمِيُّ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ، عَنْ سُفْيَانَ، كُلُّهُمْ عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي وَائِلٍ، عَنْ أَبِي مَسْعُودٍ، بِهَذَا الْحَدِيثِ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِنَحْوِ حَدِيثِ جَرِيرٍ ‏.‏ قَالَ نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ فِي رِوَايَتِهِ لِهَذَا الْحَدِيثِ حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، حَدَّثَنَا الأَعْمَشُ، حَدَّثَنَا شَقِيقُ بْنُ سَلَمَةَ، حَدَّثَنَا أَبُو مَسْعُودٍ، الأَنْصَارِيُّ ‏.‏ وَسَاقَ الْحَدِيثَ ‏.‏
This hadith has been reported on the authority of Abu Mas'ud Ansari through another chain of transmitters

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · The Book of Drinks

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।