وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمٍ، حَدَّثَنَا بَهْزٌ، حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ، حَدَّثَنَا سُهَيْلٌ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ " إِذَا أَكَلَ أَحَدُكُمْ فَلْيَلْعَقْ أَصَابِعَهُ فَإِنَّهُ لاَ يَدْرِي فِي أَيَّتِهِنَّ الْبَرَكَةُ " .
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:When any one of you eats food he should lick his fingers, for he does not know in what part of the food sticking to his fingers the blessing lies
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।