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सहीह मुस्लिम

नंबर 5270

नंबर 5270किताब 36, नंबर 144अरबी नंबरिंग 2022.02
وَحَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ الْحُلْوَانِيُّ، وَأَبُو بَكْرِ بْنُ إِسْحَاقَ قَالاَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي، مَرْيَمَ أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، أَخْبَرَنِي مُحَمَّدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ حَلْحَلَةَ، عَنْ وَهْبِ بْنِ كَيْسَانَ، عَنْ عُمَرَ بْنِ أَبِي سَلَمَةَ، أَنَّهُ قَالَ أَكَلْتُ يَوْمًا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَجَعَلْتُ آخُذُ مِنْ لَحْمٍ حَوْلَ الصَّحْفَةِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ كُلْ مِمَّا يَلِيكَ ‏"‏ ‏.‏
Umar b. Abu Salama reported:I (had the opportunity) one day to dine with Allah's Messenger (ﷺ), and I picked up flesh from around the dish. Thereupon Allah's Messenger (ﷺ) said: Eat from that which is near to you

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · The Book of Drinks

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।