وَحَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، عَنْ ثَابِتٍ، قَالَ قُلْتُ لاِبْنِ عُمَرَ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْ نَبِيذِ الْجَرِّ قَالَ فَقَالَ قَدْ زَعَمُوا ذَاكَ . قُلْتُ أَنَهَى عَنْهُ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ قَدْ زَعَمُوا ذَاكَ .
Thabit reported:I said to Ibn 'Umar that Allah's Messenger (ﷺ) had forbidden the preparation of Nabidh in the green pitcher (besmeared with pitch). He said: This is what they stated. I said: Did Allah's Messenger (ﷺ) forbid this? He said: They said so
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।