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सहीह मुस्लिम

नंबर 5171

नंबर 5171किताब 36, नंबर 45अरबी नंबरिंग 1994
حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ عَمْرٍو الأَشْعَثِيُّ، أَخْبَرَنَا عَبْثَرٌ، ح وَحَدَّثَنِي زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، ح وَحَدَّثَنِي بِشْرُ بْنُ خَالِدٍ، أَخْبَرَنَا مُحَمَّدٌ، - يَعْنِي ابْنَ جَعْفَرٍ - عَنْ شُعْبَةَ، كُلُّهُمْ عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ التَّيْمِيِّ، عَنِ الْحَارِثِ بْنِ سُوَيْدٍ، عَنْ عَلِيٍّ، قَالَ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنْ يُنْتَبَذَ فِي الدُّبَّاءِ وَالْمُزَفَّتِ ‏.‏ هَذَا حَدِيثُ جَرِيرٍ ‏.‏ وَفِي حَدِيثِ عَبْثَرٍ وَشُعْبَةَ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم نَهَى عَنِ الدُّبَّاءِ وَالْمُزَفَّتِ ‏.‏
Ali reported that Allah's Messenger (ﷺ) forbade to prepare Nabidh in gourd and varnished jar. This hadith has been narrated through another chain of transmitters with a slight variation of wording

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · The Book of Drinks

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।